प्रामाणिक संदर्भ: Dhp 201 सत्यापित मूल स्रोत

“विजय वैर और शत्रुता को जन्म देती है, क्योंकि पराजित व्यक्ति दुःख में जीता है। जो व्यक्ति विजय और पराजय दोनों की लालसा को त्याग देता है, वह शांत और सुखी जीवन व्यतीत करता है।”

मूल पालि गाथा: Jayaṃ veraṃ pasavati, dukkhaṃ seti parājito; Upasanto sukhaṃ seti, hitvā jayaparājayaṃ.

— तथागत गौतम बुद्ध
शाक्यमुनि बुद्ध, धम्म के संस्थापक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Pali Canon: Dhammapada 15.201 spoken on the occasion of the battle between King Pasenadi of Kosala and King Ajatasattu of Magadha.