प्रामाणिक संदर्भ: Subhasita Sutta (Well-Spoken Words), Verse 451 सत्यापित मूल स्रोत

“केवल वही वाणी बोलो जो हितकारी हो, जिससे स्वयं को कोई पश्चाताप न हो, और जो दूसरों को सुख पहुँचाए। सत्य बोलो और स्नेह से युक्त वाणी बोलो।”

मूल पालि गाथा: Tameva vācaṃ bhāseyya, yāyattānaṃ na tāpaye; Pare ca na vihiṃseyya, sā ve bhāsitā subhāsitā.

— तथागत गौतम बुद्ध
शाक्यमुनि बुद्ध, धम्म के संस्थापक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Delivered at Jetavana in Savatthi, setting forth the four hallmarks of Right Speech (Sammā Vācā).