प्रामाणिक संदर्भ: Karaniya Metta Sutta (Discourse on Loving-Kindness), Verse 7
सत्यापित मूल स्रोत
“समस्त संसार के प्रति असीम मैत्री और प्रेम का विस्तार करो — ऊपर, नीचे और चारों ओर — बिना किसी बाधा, बिना किसी द्वेष और बिना किसी शत्रुता के।”
— तथागत गौतम बुद्ध
शाक्यमुनि बुद्ध, धम्म के संस्थापक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:
Pali Canon: Sutta Nipata 1.8 (Mettasutta) — 'Māna sam bhāvaye aparimāṇaṁ...'.