प्रामाणिक संदर्भ: Dhp 365 सत्यापित मूल स्रोत

“जो कुछ प्राप्त हुआ है उसका तिरस्कार मत करो, और दूसरों की उन्नति या लाभ से ईर्ष्या मत करो। जो दूसरों से ईर्ष्या करता है, उसका चित्त कभी शांत नहीं हो सकता।”

मूल पालि गाथा: Salābhaṃ nātimaññeyya, nāññesaṃ pihayaṃ care; Aññesaṃ pihayaṃ bhikkhu, samādhiṃ nādhigacchati.

— तथागत गौतम बुद्ध
शाक्यमुनि बुद्ध, धम्म के संस्थापक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Pali Canon: Dhammapada 25.365 on cultivating contentment and freedom from jealousy.