“जीवों को हानि पहुँचाने वाला व्यक्ति कभी 'आर्य' (श्रेष्ठ/महान) नहीं कहलाता। जो सभी प्राणियों के प्रति अहिंसक व दयालु है, वही आर्य कहलाता है।”
— तथागत गौतम बुद्ध
शाक्यमुनि बुद्ध, धम्म के संस्थापक
Pali Canon: Dhammapada 19.270 (Na tena ariyo hoti yena pāṇāni hiṁsati, Ahiṁsā sabbapāṇānaṁ ariyo'ti pavuccati).