प्रामाणिक संदर्भ: Dhp 50 सत्यापित मूल स्रोत

“दूसरों के दोषों को मत देखो, और न ही इस बात पर ध्यान दो कि उन्होंने क्या किया या क्या नहीं किया। बल्कि अपने स्वयं के आचरण को देखो कि तुमने क्या किया और क्या नहीं किया।”

मूल पालि गाथा: Na paresaṃ vilomāni, na paresaṃ katākataṃ; Attanova avekkheyya, katāni akatāni ca.

— तथागत गौतम बुद्ध
शाक्यमुनि बुद्ध, धम्म के संस्थापक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Pali Canon: Dhammapada 4.50 emphasizing self-reflection and personal accountability over judgment of others.