प्रामाणिक संदर्भ: Dhp 197 सत्यापित मूल स्रोत

“हम वैरियों के बीच भी वैर-रहित (मित्रतापूर्ण) होकर परम सुख से जीवन जीते हैं। जो लोग घृणा और द्वेष से ग्रस्त हैं, उनके बीच भी हम घृणा-मुक्त होकर रहते हैं।”

मूल पालि गाथा: Susukhaṃ vata jīvāma, verinesu averino; Verinesu manussesu, viharāma averino.

— तथागत गौतम बुद्ध
शाक्यमुनि बुद्ध, धम्म के संस्थापक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Pali Canon: Dhammapada 15.197 on non-reactivity, inner resilience, and unconditional goodwill.