प्रामाणिक संदर्भ: Dhp 80 सत्यापित मूल स्रोत

“नहर बनाने वाले पानी को अपनी इच्छानुसार मोड़ते हैं; तीर बनाने वाले तीर को सीधा करते हैं; बढ़ई लकड़ी को तराशते हैं; और ज्ञानी जन स्वयं को अनुशासित तथा संयमित करते हैं।”

मूल पालि गाथा: Udakañhi nayanti nettikā, usukārā namayanti tejanaṃ; Dāruṃ namayanti tacchakā, attānaṃ damayanti paṇḍitā.

— तथागत गौतम बुद्ध
शाक्यमुनि बुद्ध, धम्म के संस्थापक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Pali Canon: Dhammapada 6.80 highlighting self-cultivation as the highest craft.