प्रामाणिक संदर्भ: Kesamutti Sutta (Kalama Sutta) सत्यापित मूल स्रोत

“केवल सुनी-सुनाई बातों पर, परंपराओं पर, अथवा धर्मग्रंथों में लिखे होने मात्र पर विश्वास मत करो... जब तुम स्वयं अपने विवेक से यह जान लो कि ये बातें कल्याणकारी, निर्दोष और ज्ञानियों द्वारा प्रशंसित हैं तथा सुख और शांति की ओर ले जाती हैं, तब उन्हें स्वीकार करो और उनका आचरण करो।”

— तथागत गौतम बुद्ध
शाक्यमुनि बुद्ध, धम्म के संस्थापक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Pali Canon: Anguttara Nikaya 3.65 (Kalama Sutta). The foundational discourse on rational inquiry, freedom of thought, and experiential ethics.