प्रामाणिक संदर्भ: Dhp 52 सत्यापित मूल स्रोत

“जिस प्रकार रंग-बिरंगा और सुगंध से भरपूर फूल सभी को आनंद देता है, उसी प्रकार उस व्यक्ति की सुंदर और ज्ञानभरी बातें भी अत्यंत फलदायी होती हैं जो स्वयं उन पर पूरी निष्ठा से आचरण करता है।”

मूल पालि गाथा: Yathāpi ruciraṃ pupphaṃ, vaṇṇavantaṃ sagandhakaṃ; Evaṃ subhāsitā vācā, saphalā hoti sakubbato.

— तथागत गौतम बुद्ध
शाक्यमुनि बुद्ध, धम्म के संस्थापक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Pali Canon: Dhammapada 4.52 celebrating the uplifting power of lived wisdom and exemplary ethical conduct.