प्रामाणिक संदर्भ: Dhp 277 सत्यापित मूल स्रोत

“'सभी संस्कार (उत्पन्न वस्तुएं) अनित्य (परिवर्तनशील) हैं' — जब कोई प्रज्ञा (विवेक) से इसे देखता है, तब वह दुःखों से विरक्त हो जाता है। यही शुद्धि और मुक्ति का मार्ग है।”

मूल पालि गाथा: 'Sabbe saṅkhārā aniccā'ti, yadā paññāya passati; Atha nibbindatī dukkhe, esa maggo visuddhiyā.

— तथागत गौतम बुद्ध
शाक्यमुनि बुद्ध, धम्म के संस्थापक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Pali Canon: Dhammapada 20.277, the foundational Buddhist insight into Anicca (impermanence).