प्रामाणिक संदर्भ: BAWS Vol. 2, p. 505 सत्यापित मूल स्रोत

“अस्पृश्यता ने अस्पृश्यों को बर्बाद किया है, इसने हिंदुओं को बर्बाद किया है, और अंततः इसने पूरे भारत को बर्बाद किया है। कोई भी राष्ट्र अपने ही लाखों नागरिकों की मानवता को कुचलकर कभी महान नहीं बन सकता।”

— डॉ. बी. आर. आंबेडकर
भारतीय संविधान के निर्माता एवं महान समाज सुधारक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Delivered in November 1930 at the Plenary Session of the First Round Table Conference in London representing the Depressed Classes of India.