“मैं एक मजबूत केंद्र वाले एकीकृत भारत के पक्ष में हूँ ताकि भविष्य में किसी भी विभाजन या दरार की कोई गुंजाइश न रहे।”
— डॉ. बी. आर. आंबेडकर
भारतीय संविधान के निर्माता एवं महान समाज सुधारक
Delivered on 17 December 1946 during the historic debate on the Objectives Resolution in the Constituent Assembly of India.