“समाज हमेशा विभिन्न वर्गों से बना होता है, और उनके बीच हितों का टकराव — चाहे वह वास्तविक हो या काल्पनिक — यही एक मूलभूत वास्तविकता है।”
— डॉ. बी. आर. आंबेडकर
भारतीय संविधान के निर्माता एवं महान समाज सुधारक
Delivered at the Anthropology Seminar of Dr. Alexander Goldenweiser at Columbia University, New York on 9 May 1916.