प्रामाणिक संदर्भ: BAWS Vol. 1, p. 56 सत्यापित मूल स्रोत

“गुलामी का अर्थ केवल कानूनी रूप से अधीन होना नहीं है। इसका अर्थ समाज की वह स्थिति है जिसमें कुछ लोगों को अपने आचरण को नियंत्रित करने वाले उद्देश्यों को दूसरों से स्वीकार करने के लिए विवश किया जाता है।”

— डॉ. बी. आर. आंबेडकर
भारतीय संविधान के निर्माता एवं महान समाज सुधारक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Verified analysis from Annihilation of Caste (1936) defining slavery as the absence of individual self-determination.