“स्वावलंबन (स्वावलंबी बनना) ही सर्वोत्तम सहायता है। अपनी मुक्ति के लिए किसी अन्य पर निर्भर मत रहो। निरंतर परिश्रम, नैतिक अनुशासन और शिक्षा के द्वारा अपने भाग्य का निर्माण स्वयं करो।”
— डॉ. बी. आर. आंबेडकर
भारतीय संविधान के निर्माता एवं महान समाज सुधारक
Verified speech exhorting depressed classes to discard fatalism, cultivate self-reliance, and reject patronizing benevolence.