प्रामाणिक संदर्भ: BAWS Vol. XI, p. 979 सत्यापित मूल स्रोत

“हमें अपने राजनीतिक लोकतंत्र को एक सामाजिक लोकतंत्र भी बनाना होगा। राजनीतिक लोकतंत्र तब तक जीवित नहीं रह सकता जब तक कि उसके आधार में सामाजिक लोकतंत्र न हो, जो स्वतंत्रता, समता और बंधुता को जीवन के मूल सिद्धांतों के रूप में स्वीकार करता है।”

— डॉ. बी. आर. आंबेडकर
भारतीय संविधान के निर्माता एवं महान समाज सुधारक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Delivered on 25 November 1949 in the Constituent Assembly of India, presenting the final draft of the Constitution.