प्रामाणिक संदर्भ: Bahishkrit Bharat Editorial (1928) सत्यापित मूल स्रोत

“अतीत के दुखों और कष्टों को निराशा या पछतावे के साथ मत देखो; बल्कि भविष्य की ओर अटूट संकल्प, एकता और साहस के साथ आगे बढ़ो।”

— डॉ. बी. आर. आंबेडकर
भारतीय संविधान के निर्माता एवं महान समाज सुधारक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Published in Bahishkrit Bharat (1928), mobilizing the community to focus on forward-looking educational and economic reconstruction.