प्रामाणिक संदर्भ: Thoughts on Education and Intellect (1979 (Compilation)) सत्यापित मूल स्रोत

“यह नहीं भूलना चाहिए कि बुद्धिमत्ता एक दुर्लभ वस्तु है। किसी भी अन्य सामाजिक पूंजी की तरह, इसका संवर्धन ही समाज का ध्येय होना चाहिए।”

— डॉ. बी. आर. आंबेडकर
भारतीय संविधान के निर्माता एवं महान समाज सुधारक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Verified excerpt from Dr. B. R. Ambedkar's philosophical reflections on intellectual development and the democratization of higher learning.