प्रामाणिक संदर्भ: BAWS Vol. XI, p. 979 सत्यापित मूल स्रोत

“धर्म में भक्ति आत्मा की मुक्ति का मार्ग हो सकती है। लेकिन राजनीति में भक्ति या व्यक्ति-पूजा निश्चित रूप से पतन और अंततः तानाशाही की ओर ले जाने वाला सीधा रास्ता है।”

— डॉ. बी. आर. आंबेडकर
भारतीय संविधान के निर्माता एवं महान समाज सुधारक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Historic warning delivered on 25 November 1949 during the adoption of the Constitution of India, citing John Stuart Mill and analyzing the perils of political personality cults.