प्रामाणिक संदर्भ: BAWS Vol. XI, p. 980 सत्यापित मूल स्रोत

“बंधुता का अर्थ है सभी भारतीयों के बीच एक साझा भ्रातृत्व की भावना — यह भावना कि सभी भारतीय एक ही जनसमुदाय हैं। बंधुता के बिना, समता और स्वतंत्रता केवल ऊपरी रंग-रोगन से अधिक कुछ नहीं होंगी।”

— डॉ. बी. आर. आंबेडकर
भारतीय संविधान के निर्माता एवं महान समाज सुधारक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Delivered on 25 November 1949 in the Constituent Assembly, explaining why the trinity of liberty, equality, and fraternity cannot be divorced from one another.