प्रामाणिक संदर्भ: BAWS Vol. XI, p. 975 सत्यापित मूल स्रोत

“संविधान चाहे कितना भी अच्छा क्यों न हो, यदि उसे लागू करने वाले लोग बुरे हों, तो वह निश्चित रूप से बुरा साबित होगा। और संविधान चाहे कितना भी बुरा क्यों न हो, यदि उसे लागू करने वाले लोग अच्छे हों, तो वह अच्छा साबित होगा।”

— डॉ. बी. आर. आंबेडकर
भारतीय संविधान के निर्माता एवं महान समाज सुधारक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Delivered on 25 November 1949 in the Constituent Assembly of India, emphasizing that constitutional morality and honest public administration are more decisive than mere legal texts.