प्रामाणिक संदर्भ: BAWS Vol. 1, p. 78 सत्यापित मूल स्रोत

“जाति ईंटों की दीवार या कटीले तारों जैसी कोई भौतिक वस्तु नहीं है। जाति एक धारणा है; यह मन की एक अवस्था है। जाति के विनाश का अर्थ किसी भौतिक बाधा को तोड़ना नहीं, बल्कि मानसिक दृष्टिकोण में क्रांतिकारी परिवर्तन लाना है।”

— डॉ. बी. आर. आंबेडकर
भारतीय संविधान के निर्माता एवं महान समाज सुधारक
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संदर्भ:

Verified philosophical analysis in Annihilation of Caste (1936), Chapter 20 explaining the psychological roots of caste prejudice.